बुधवार, 7 सितंबर 2016

संयुक्त राष्ट्र चार्टर का संस्कृत में अनुवाद

संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का संस्कृत में अनुवाद किया गया है। यह चार्टर संयुक्त राष्ट्र की बुनियादी संधि है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरूद्दी ने कल कहा, ‘‘चार्टर अब संस्कृत में उपलब्ध है। इस उत्कृष्ट प्रयास के लिए डॉ जितेंद्र कुमार त्रिपाठी आपका शुक्रिया।’’ उन्होंने ट्विटर पर चार्टर के संस्कृत कवर की एक तस्वीर भी डाली।
डॉ जितेंद्र कुमार त्रिपाठी लखनऊ स्थित अखिल भारतीय संस्कृत परिषद के सचिव हैं। संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय संगठन सम्मेलन के खत्म होने के साथ अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 26 जून, 1945 को संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर किया गया था और यह 24 अक्तूबर, 1945 से प्रभाव में आया।
चार्टर संयुक्त राष्ट्र की सभी छह आधिकारिक भाषाओं में उपलब्ध है।

चार्टर संयुक्त राष्ट्र क्या है

संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र (United Nations Charter) वह पत्र है जिसपर 50 देशों के हस्ताक्षर द्वारा संयुक्त राष्ट्र स्थापित हुआ। अक्सर इस पत्र को संविधान माना जाता है, पर वास्तव में यह एक संधि है। इस पर अवश्यक 50 हस्ताक्षर 26 जून 1945 को हुए, पर संयुक्त राष्ट्र वास्तव में 24 अक्टूबर 1945 को स्थापित हुआ जब पांच मुख्य संस्थापक देशों (चीन गणराज्य, फ़्रांस, संयुक्त राज्य, संयुक्त राजशाही और सोवियत संघ) ने इस पत्र को स्वीकृत किया।



अधिकारपत्र का संगठन

इस अधिकारपत्र का संगठन कुछ-कुछ संयुक्त राज्य के संविधान जैसा है। पत्र का प्रारंभ एक प्रस्तावना से होता है। बाकी का पत्र अध्यायों में विभाजित है।

अध्याय 1 : संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों का अर्पण। इनमें से दो अहम अद्दुश्य है अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा।

अध्याय 2 : संयुक्त राष्ट्र के सदस्य बनने की कसौटियों का अर्पण।

अध्याय 3 से 15 : संयुक्त राष्ट्र के अलग-अलग अंगों और संस्थाओं तथा उनके अधिकारों का विवरण।

अध्याय 16 एवं 17 : संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के पहले के अंतर्राष्ट्रीय कनूनों का संयुक्त राष्ट्र के साथ जोड़ने की प्रक्रिया।

अध्याय 18 से 19 : इस अधिकारपत्र के संशोधन और दृढ़ीकरण की प्रक्रियाएं।


इनमें से कुछ बेहद अहम अध्याय हैं जैसे कि


अध्याय 6 : सुरक्षा परिषद का अंतर्राष्ट्रीय संघर्षों को जांचने और सुलझाने का अधिकार।

अध्याय 7 : संघर्षों को सुलझाने के लिए सुरक्षा परिषद की आर्थिक, राजनयिक और सामरिक योग्यताएं।

अध्याय 9 एवं 10 : आर्थिक और सामाजिक सहयोग में संयुक्त राष्ट्र का अधिकार और इस अधिकार का प्रबंध करने वाली आर्थिक एवं सामाजिक परिषद का विवरण।

अध्याय 12 एवं 13 : उपनिवेशों को स्वतंत्र करने का प्रबंध।

अध्याय 14 : अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अधिकार।

अध्याय 15 : सचिवालय के अधिकार।

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