मंगलवार, 24 फ़रवरी 2015

नीरज-शहरयार पुरस्कार हेतु आवेदन आमंत्रित

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अलीगढ़। अपर जिलाधिकारी नगर एवं प्रभारी अधिकारी प्रदर्शनी अलीगढ़ ने अवगत कराया है कि राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी द्वारा अच्छे और स्तरीय काव्य लेखकों को प्रोत्साहित करने हेतु हिन्दी-उर्दू सेवा के काव्य विधाओं पर पुरुस्कार दिये जायेंगे। पुरस्कार हिन्दी कवि एवं उर्दू काव्य लेखक को दिया जायेगा।
गौरतलब है कि रख्यात शायर व ज्ञानपीठ विजेता प्रो. कुंवर अखलाक मुहम्मद खान उर्फ शहरयार ने कई फिल्मों के लिए गाने लिखे। ‘उमरावजान’ के गाने तो आज भी हर किसी की जुबान पर हैं। दर्जनों नामचीन पुरस्कार पा चुके शहरयार को वर्ष 2008 में साहित्य का सर्वोच्च ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था। पुरस्कार सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के हाथों नवाजा गया। वे उर्दू के चौथे शायर थे, जिन्हें ज्ञानपीठ से नवाजा गया। उन्होंने वर्ष 1978 में गमन, वर्ष 1981 उमरावजान और वर्ष 1986 अंजुमन के लिए गाने लिखे।इसी तरह गोपालदास नीरज ऐसे पहले व्यक्ति हैं जिन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में भारत सरकार ने दो-दो बार सम्मानित किया, पहले पद्म श्री से, उसके बाद पद्म भूषण से। यही नहीं, फ़िल्मों में सर्वश्रेष्ठ गीत लेखन के लिये उन्हें लगातार तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिला।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार यह पुरुस्कार 1,01000(एक लाख एक हजार) रूपये का होगा जिसमें 18 वर्ष से 50वर्ष तक के कवि भाग लें सकेंगे। जो कवि इस प्रतियोगिता में भाग लेना चाहता है वह अपनी रचनाओं की 07 प्रतियों का सैट बनाकर,एवं जीवन-वृत्त के साथ जन्मतिथि प्रमाण पत्र भी  03 मार्च तक 2015 तक अपर जिलाधिकारी अलीगढ़ के कार्यालय में भेज सकता है । उन्होंने आगे बताया कि कवि आवेदन के रूप में अपनी कृति का नाम, अपना नाम, उम्र, जन्म स्थान, मोबाइल नं0 उत्तर प्रदेश में रहने का 10 साल का प्रमाण पत्र, काव्य की विधा/विषय, प्रकाशन का वर्ष, प्रकाशक का नाम और पता के साथ प्रमाणित करते हुए कि मेरे द्वारा रचित काव्य नाम कृति स्वेप्ररणा से स्वरचित है ।