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गुरुवार, 21 नवंबर 2013

‘नेशनल बुक अवार्ड’ से चूकीं झुंपा

वाशिंगटन। 
पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका झुंपा लाहिड़ी का नया उपन्यास ‘द लोलैंड’ काल्पनिक कथा श्रेणी में 2013 अमेरिकी ‘नेशनल बुक अवार्ड’ जीतने से चूक गया। यह पुरस्कार लेखक जेस मैकब्राइड की कृति ‘द गुड लॉर्ड बर्ड’ ने जीत लिया है। मैकब्राइड की रचना ‘द गुड लॉर्ड बर्ड’ 1850 दशक के एक युवा दास की यात्रा कहानी है जबकि लाहिड़ी का उपन्यास 1960 के दशक के कोलकाता निवासी दो भाइयों की कहानी है। कल्पित कथा श्रेणी के अंतिम दौर में जगह बनाने वालों में रशेल कुशनर की ‘द लैमथ्रोवर्स’, थॉमस यनछोन की ‘ब्लीडिंग ऐज’ और जॉर्ज सॉडंर्स  की ‘टेंथ ऑफ दिसेंबर’ शामिल थीं।
न्यूयॉर्क में हुए पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान निर्णायक मंडल ने मैकब्राइड की कृति की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘यह कृति कॉमिक जैसी ध्वनि दर्शाती है और अब तक मार्क ट्वेन की सुनी कृतियों जैसी ही वास्तविक है।’’ पुरस्कार जीतने के बाद 56 वर्षीय मैकब्राइड ने कहा कि वह पुरस्कार जीतने के बाद किए जाने वाले संबोधन के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे क्योंकि उन्हें यनछोन, लाहिड़ी और सॉडंर्स के आगे अपने जीतने की कतई उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘वह लाजवाब लेखक हैं। लेकिन यकीनन यहां रहना अच्छा है।’’
यह वार्षिक पुरस्कार नेशनल बुक फाउंडेशन द्वारा उन अमेरिकी लेखकों को दिया जाता है, जिन्होंने काल्पनिक कथा, कथेतर साहित्य, गद्य और युवा साहित्य के लिए काम किया हो। वहीं, कथेतर साहित्य पुरस्कार ‘द अनवाइंडिंग: ऐन इनर हिस्ट्री ऑफ द न्यू अमेरिका’ के लिए जॉर्ज पेकर ने जीता। गद्य पुरस्कार ‘इंकार्नडिन’ के लिए मैरी जिबिस्ट को मिला। इसके अलावा युवा साहित्य पुरस्कार सिंथियाका दोहता को उनकी रचना ‘द थिंग अबाउट लक’ के लिए दिया गया। लाहिड़ी (46 वर्ष) पिछले माह समकालीन कथा श्रेणी के प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘मैन बुकर प्राइज’ में कॉमनवेल्थ और आयरलैंड से पिछड़ गई थीं।
-एजेंसी

शुक्रवार, 20 सितंबर 2013

झुंपा हुई मैन बुकर प्राइज के लिए शॉर्टलिस्ट

पुलित्जर पुरस्कार विजेता भारतवंशी लेखिका झुंपा लाहिड़ी को अमेरिका के 'नेशनल बुक अवार्ड' की उपन्यास श्रेणी में नामित किया गया है। इसके एक दिन पहले उन्हें उनके नए उपन्यास 'द लोलैंड' के लिए 'मैन बुकर' पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। 1960 के दशक में कोलकाता में रहने वाले दो भाईयों की कहानी पर आधारित लाहिड़ी के उपन्यास के अलावा लेखक टॉम ड्रुरी का 'पेसिफिक', एलिजाबेथ ग्रैवर्स का 'द एंड ऑफ द प्वाइंट' और रचेल कुशनर का 'द फ्लेमथ्रोअर्स' भी इस पुरस्कार की दौड़ में शामिल हैं।
नेशनल बुक फाउंडेशन ने कहा कि यंग पीपुल्स के साहित्य, कविता, उपन्यास और गैर उपन्यास की श्रेणी में अंतिम दौर में पहुंचने वाले लेखक-लेखिकाओं के नाम की घोषणा 16 अक्टूबर को की जाएगी और विजेता का नाम 20 नवंबर को न्यूयॉर्क में घोषित होगा। लंदन में जन्मी लाहिड़ी (46) न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में रहती हैं और उनका संबंध पश्चिम बंगाल से है।
उन्होंने इससे पहले तीन पुस्तकें लिखी हैं और उनकी पहली पहली पुस्तक 'इंटरपेट्रर ऑफ मालादीज' कहानियों की श्रंखला थी जिसे पुलित्जर पुरस्कार और पीईएन/हेमिंग्वे अवार्ड प्राप्त हुआ था। उनके उपन्यास 'द नेमसेक ' को भी काफी चर्चा मिली थी और प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर ने इसी नाम से इस पर एक फिल्म भी बनाई थी। उनकी दूसरी पुस्तक 'अनअकस्टम्ड अर्थ' थी और उसे न्यूयार्क टाइम्स बुक रिव्यू में शीर्ष 10 पुस्तकों में स्थान दिया गया था। -एजेंसी