ऐसे खुली बात मौत की सजा के इस खौफनाक मंजर की
ईरान की इसी 9 साल की बच्ची ने एक डरावना स्केच बनाया और चर्चा में आ गई, स्केच में उसके पिता फांसी पर लटकते दिखाई दे रहे हैं. बच्ची के पिता को ईरान की अदालत ने मौत की सजा सुनाई गई थी. मानवाधिकार संगठनों ने चिंता व्यक्त की है क्योंकि इस साल ईरान में बड़ी संख्या में लोगों को मौत की सजा दी गई है.
दर्दनाक स्केच-जब पिता को अंतिम बार देखा
यह बेहद दुखद चित्र ईरान की महना अहमदी ने बनाया है, जिसमें उसके पिता हामिद को फांसी पर लटकाया जा रहा है, जबकि वह और उसकी मां यह सब देख रही हैं. इस दृश्य में, महना और उसकी मां एक फांसी के तख्ते के बगल में हाथ पकड़े खड़ी हैं, जिसके नीचे उसके पिता एक ब्लॉक पर खड़े हैं। उसने यह चित्र अपने पिता को अंतिम बार देखने के इंतजार में बनाया है।
2024 में 1,000 से ज़्यादा कैदियों को फांसी दी गई
आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि 2024 में 1,000 से ज़्यादा कैदियों को फांसी दी गई. इनमें से 34 महिलाएं थीं और सात अपराध के समय 18 वर्ष से कम उम्र के थे। साथ ही ईरान के राष्ट्रीय प्रतिरोध परिषद (NCRI) ने चेतावनी दी है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा होने की संभावना है क्योंकि कई मौतों को गुप्त रखा जाता है। NCRI के अनुसार, आधे से अधिक फांसी नशीली दवाओं से संबंधित दोषों के लिए थी।
कैसे सामने आई तस्वीर
ईरान के राष्ट्रीय प्रतिरोध परिषद (एनसीआरआई) ने द सन को इस बच्ची की कहानी और उसका स्केच साझा किया है। सईद मसूरी नामक एक राजनीतिक कैदी के दिल दहला देने वाले पत्र में इस स्केच का जिक्र किया गया है, जिन्होंने ईरान की जेल में 25 साल बिताए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के नेता अली खमामेनेई के शासन में इस साल बड़ी संख्या में लोगों को फांसी दी गई है. सईद ने बताया कि अकेले इस क्रिसमस की अवधि के दौरान, लगभग 25 निर्दोष लोगों को फांसी दी गई, जो लगभग हर 2.5 घंटे में एक फांसी के बराबर है।
शुक्रवार, 6 मार्च 2026
बेटी के सामने सरेआम फांसी पर लटके और मुस्कुराते पिता ने ही लिख दी थी ईरान की बर्बादी की कहानी
ईरान की बर्बादी तो विधाता ने उसी दिन निर्धारित कर दी थी जब एक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए एक पिता को उसकी बेटी के सामने सरेआम फांसी पर लटका दिया गया।जहां पिता अपने अंतिम समय में अपनी बेटी की आंखों में आँखें डाल कर इसलिए मुस्कुराता रहा कि बेटी का हौंसला ना टूटे..!!
किसे याद नहीं ये दृश्य और ऐसे कई सौ दृश्य जिन्होंने दुनियां के हर इंसान ( मुसलमानों को छोड़ कर) के कलेजे को कंपकपा दिए।
जहां बुरका ना पहनने पर महिलाओं के बाल काट देना, नंगा घुमाने से लेकर पीट पीट कर इतना मारना कि महिलाओं का तड़प तड़प कर हॉस्पिटल में दम तोड़ देना..!
जिस संस्कृति और संस्कारों में महिलाओं और बच्चों का इतना अपमान और शोषण हो उसका तबाह होना लाज़मी है अब बेंजामिन नेतन्याहू तो इनकी बर्बादी का माध्यम मात्र हैं..!!
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